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बांसुरी वाला

बांसुरी वाला

बात सात सौ साल पुरानी सुनो ध्यान से प्यारे हैम्लिन नामक एक शहर था वीजर नदी किनारे। यूं तो शहर बहुत सुन्दर था हैम्लिन जिसका नाम मगर वहां के लोगों का हो गया था चैन हराम।...

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मेरी रेल

छूटी मेरी रेल। रे बाबू छूटी मेरी रेल। हट जाओ हट जाओ भैया मैं न जानूं फिर कुछ भैया टकरा जाये रेल। धक् धक् धक धक् धू धू धू धू भक् भक् भक् भक् भू भू भू भू छक् छक् छक् छक्...

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चतुर चित्रकार

चतुर चित्रकार

चित्रकार सुनसान जगह में बना रहा था चित्र। इतने ही में वहां आ गया यम राजा का मित्र।। उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गये होश। नदी पहाड़ पेड़ फिर उसको कुछ हिम्मत आई देख...

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ना धिन धिन्ना

ना धिन धिन्ना

ना धिन धिन्ना पढ़ते हैं मुन्ना ताता थैया आ जा भैया ता थई ता थई ना भई ना भई धिरकिट धा तू सिर मत खा तू धीं तृक धीना झटपट रीना धा-धा-धा-धा अब क्या होगा धिरकिट धिरकिट...

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बतूता का जूता

बतूता का जूता

इब्न बतूता पहन के जूता निकल पड़े तूफान में थोड़ी हवा नाक में घुस गई घुस गई थोड़ी कान में। कभी नाक को कभी कान को मलते इब्न बतूता इसी बीच में निकल पड़ा उनके पैरों का...

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गड़बड़ घोटाला

गड़बड़ घोटाला

यह कैसा है घोटाला कि चाबी मे है ताला कमरे के अंदर घर है और गाय में है गोशाला। दातों के अंदर मुंह है और सब्जी में है थाली रूई के अंदर तकिया और चाय के अंदर प्याली। टोपी...

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चौका छक्का

धूम धड़क्का धूम धड़क्का सचिन का चौका सचिन का छक्का रह गए सारे हक्का बक्का चौका छक्का धूम धड़क्का कविता 1 हक्का बक्का : बच्चों के लिए 15 हिन्दी कविता Hindi poem for...

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कितनी बड़ी दिखती होंगी

कितनी बड़ी दिखती होंगी मक्खी को चीजें छोटी सागर सा प्याला भर जल पर्वत सी एक कौर रोटी। खिला फूल गुलदस्ते जैसा कांटा भारी भाला सा तालों का सूराख उसे होगा बैरगिया नालासा।...

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