नट खट हम हां नटखट हम।
करने निकले खट पट हम
आ गये लड़के पा गये हम।
बंदर देख लुभा गये हम
बंदर को बिचकायें हम।
बंदल दौड़ा भागे हम
बच गये लड़के बच गये हम।
बर्र का बांस उठाकर आ गये हम
ऊधम लगे मचाने हम
आ लड़कों पर टूट पड़े
झटपट हट कर छिप गये हम।
बच गये लड़के बच गये हम
बिच्छू एक पकड़ लाये।
उसे छिपाकर ले आये
सबक जांचने भिड़े गुरू।
हमने नाटक किया शुरू
खोला बिच्छु चुपके से।
बैठे पीछे दुबके से
बच गये गुरू जी खिसके हम।
पिट गये लड़के बच गये हम
बुढ़िया निकली पहुंचे हम।
लगे चिढ़ाने जम जम जम
बुढ़िया खीझे डरे न हम।
ऊधम करना करें न कम
बुढ़िया आई नाकों दम।
लगी पीटने धम धम धम
जान बचा कर भग गये हम।
पिट गये लड़के बच गये हम

बच्चों के लिए हिन्दी कविता
Hindi poem for children first published by National Book Trust