आलपिन के सिर होता पर बाल नहीं होता है एक
कुर्सी के टांगे हैं पर फुटबाल नहीं फेंक सकती है फेंक।
कंघी के हैं दांत मगर वह चबा नहीं सकती खाना
गला सुराही का है पतला किन्तु न गा सकती गाना।
जूते के है जीभ मगर वह स्वाद नहीं चख सकता है
आंखे रखते हुए नारियल कभी न कुछ लख सकता है।
है मनुष्य के पास सभी कुछ ले सकता है सबसे काम
इसीलिए सबसे बढ़कर वह पाता है दुनिया में नाम।
बच्चों के लिए हिन्दी कविताएँ
Hindi poem for children first published by National Book Trust
You may also be interested in these:
गोपाल के गाल
मुन्ना और दवाई
नट खट हम हां नटखट हम
ताती ताती तोता
टन टन टन, घंटी बोली