Pitara Logo
मुन्ना और दवाई

मुन्ना और दवाई

Nirankar Dev Sevak 122 शब्द

मुन्ना ने आले पर
ऊंचे आले पर जब छोटे
हाथ नहीं जा पाये
खींच खींच कर अपनी छोटी
चौकी ले आये।
पंजों के बल उस पर चढ़कर एड़ी भी उचकाई।
मुन्ना ने आले पर रक्खी शीशी तोड़ गिराई।
हाथ पड़ा शीशी पर आधा
खींचा उसे पकड़ कर
वहीं गिरी वह आले पर से
इधर उधर खड़बड़ कर।
शीशी तोड़ी कांच बिखेरा सारी दवा बहाई।
मुन्ना ने आले पर रक्खी शीशी तोड़ गिराई।
पर कहते हैं शुभ होता है
भरी दवा गिर जाना
रोग स्वयं अच्छा होने का
यह भी एक बहाना।
मुन्ना की हर शैतानी में होती कुछ अच्छाई।
मुन्ना ने आले पर रक्खी शीशी तोड़ गिराई।

बच्चों के लिए हिन्दी कविताएँ
Hindi poem for children first published by National Book Trust

समाप्त

इन्हें भी पढ़ें…

नट खट हम हां नटखट हम

नट खट हम हां नटखट हम। करने निकले खट पट हम आ गये लड़के पा गये हम। बंदर देख लुभा गये हम बंदर को बिचकायें हम। बंदल दौड़ा भागे हम बच …

155 शब्द पढ़ें

ताती ताती तोता

ताती ताती तोता पिंजरे में सोता पंख जो हरे थे उड़न से भरे थे हो गये हैं पीले पड़ गये हैं ढीले ताती ताती तोता। ताती ताती तोता पिंजरो …

79 शब्द पढ़ें