Hindi Poems for Kids

बच्चों की हिन्दी कविताएं — पिटारा का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children

गुड्डा बुड्डा

यह है गुड़िया यह है गुड्डा यह है बु्ढ़िया यह है बुड्ढा। सोच रही हूं इक दिन गुड़िया हो जाएगी ऐसी बुढ़िया। हो जाएगा इक दिन बुड्ढ़ा मेरा प्यारा सा गुड्डा। गुड़िया बुढ़िया गुड्डा बुड्ढा।कविता 13 हक्का बक्का : बच्चों के लिए 15 हिन्दी कविता First published by National Book Trust

चूं चूं चूं चूं म्याउं म्याउं

चूं चूं चूं चूं चूहा बोले म्याऊं म्याऊं बिल्ली ती ती कीरा बोले झीं झीं झीं झीं झिल्ली किट किट किट बिस्तुइया बोले किर किर किर गिलहैरी तुन तुन तुन इकतारा बोले पी पी पी पिपहैरी टन टन टन टन घंटी बोले ठन ठन ठन्न रूपैया बछड़ा देखे बां बां बोले तेरी प्यारी गइया ठनक ठनक...

पीली नीली न्यारी तितली

तितली नन्हीं प्यारी तितली पीली नीली न्यारी तितली फूलों पर फूलों सी तितली तितली क्यारी क्यारी तितली अपने नन्हें पंख उठाए रंगों की इक लहर बनाए चुप चुप चुप उड़ती जाए खिली धूप में कितनी भाए।कविता 9 हक्का बक्का : बच्चों के लिए 15 हिन्दी कविता First published by National Book Trust

जामुन

पौधा तो जामुन का ही था लेकिन आये आम। पर जब खाया तो यह पाया ये तो हैं बादाम। जब उनको बोया जमीन में पैदा हुए अनार। पकने पर हो गये संतरे मैंने खाये चार।बच्चों के लिए हिन्दी कविता Hindi poem for children first published by National Book Trust

सारे मौसम अच्छे

सर्दी आई, सर्दी आई ठंड की पहने वर्दी आई। सबने लादे ढेर से कपड़े चाहे दुबले, चाहे तगड़े।नाक सभी की लाल हो गई सुकड़ी सबकी चाल हो गई। टिठुर रहे हैं कांप रहे हैं दौड़ रहे हैं, हांप रहे हैं।धूप में दौड़ें तो भी सर्दी छाओं में बैठें तो भी सर्दी। बिस्तर...

होली

बसंत की हवा के साथ रंगती मन को मलती चेहरे पर हाथ ये होली लिए रंगों की टोली लाल गुलाबी बैंगनी हरी पीली ये नवरंगी तितली है। आज तो जाएगी घर घर दर दर ये मौज मनाएंगी भूल पुराने झगड़े सारे सबको गले लगाएगी पीली फूली सरसौं रानीबच्चों के लिए हिन्दी कविता Hindi poem for children

रेलचली

रेल चली भाई, रेल चली। छुक छुक करती रेल चली। पटरी पटरी रेल चली। सीटी देती रेल चली। नहीं पसिंजर धीमी सी. आज हमारी मेल चली। रेल चली भाई रेल चली।कविता 14 हक्का बक्का : बच्चों के लिए 15 हिन्दी कविता Hindi poem for children first published by National Book Trust

काले काले बादल

काले काले बादल चले चाल तूफानी। चम चम चमकी बिजली। झम झम बरसा पानी।कविता 12 हक्का बक्का : बच्चों के लिए 15 हिन्दी कविता Hindi poem for children first published by National Book Trust

गेंद

उछल पुछल कर जाती गेंद। अच्छी दौड़ लगाती गेंद। हमको खूब भगाती गेंद। यहीं कहीं छिप जाती गेंद। सब को खूब थकाती गेंद।कविता 11 हक्का बक्का : बच्चों के लिए 15 हिन्दी कविता Hindi poem for children first published by National Book Trust

इल्ली उल्ला

खा से रसगुल्ला हमने किया कुल्ला पानी में उठा बुल्ला देख रहे मुल्ला इल्ली उल्लाबच्चों के लिए हिन्दी कविता Hindi poem for children

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