बांसुरी वाला
बात सात सौ साल पुरानी सुनो ध्यान से प्यारे हैम्लिन नामक एक शहर था वीजर नदी किनारे। यूं तो शहर बहुत सुन्दर था हैम्लिन जिसका नाम मगर …
बच्चों के लिए हिंदी कविताओं के इस संग्रह में आपको मिलेंगी सफ़दर हाश्मी, हरिंद्रनाथ चट्टोपाध्याय और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जैसे महान कवी की बाल कवितायेँ। तो सफ़दर की “बांसुरीवाला” हो या सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की “बतूता का जूता” या चट्टोपाध्याय की मशहूर “रेलगाड़ी”, लीजिये मज़ा इन हिंदी कविताओं का जो ख़ास बच्चों लिए लिखी गयी हैं।
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बात सात सौ साल पुरानी सुनो ध्यान से प्यारे हैम्लिन नामक एक शहर था वीजर नदी किनारे। यूं तो शहर बहुत सुन्दर था हैम्लिन जिसका नाम मगर …
चित्रकार सुनसान जगह में बना रहा था चित्र। इतने ही में वहां आ गया यम राजा का मित्र।। उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गये होश। नदी …
ना धिन धिन्ना पढ़ते हैं मुन्ना ताता थैया आ जा भैया ता थई ता थई ना भई ना भई धिरकिट धा तू सिर मत खा तू धीं तृक धीना झटपट रीना …
इब्न बतूता पहन के जूता निकल पड़े तूफान में थोड़ी हवा नाक में घुस गई घुस गई थोड़ी कान में। कभी नाक को कभी कान को मलते इब्न बतूता …
यह कैसा है घोटाला कि चाबी मे है ताला कमरे के अंदर घर है और गाय में है गोशाला। दातों के अंदर मुंह है और सब्जी में है थाली रूई के …
कितनी बड़ी दिखती होंगी मक्खी को चीजें छोटी सागर सा प्याला भर जल पर्वत सी एक कौर रोटी। खिला फूल गुलदस्ते जैसा कांटा भारी भाला सा …
आलपिन के सिर होता पर बाल नहीं होता है एक कुर्सी के टांगे हैं पर फुटबाल नहीं फेंक सकती है फेंक। कंघी के हैं दांत मगर वह चबा नहीं …
गोपाल के गाल गोलम गोल लालम लाल रंग सुनहरा आंखें सुंदर घुंघराले से उसके बाल छोटा सा वो नटखट भोला करता कितने कई कमाल कभी फोड़ वो …
नट खट हम हां नटखट हम। करने निकले खट पट हम आ गये लड़के पा गये हम। बंदर देख लुभा गये हम बंदर को बिचकायें हम। बंदल दौड़ा भागे हम बच …
ताती ताती तोता पिंजरे में सोता पंख जो हरे थे उड़न से भरे थे हो गये हैं पीले पड़ गये हैं ढीले ताती ताती तोता। ताती ताती तोता पिंजरो …
सभा सभा का खेल आज हम खेलेंगे जीजी आओ। मैं गांधी जी छोटे नेहरू तुम सरोजिनी बन जाओ।। मेरा तो सब काम लंगोटी गमछे से चल जायेगा। छोटे …