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Illustration for आलपिन के सिर होता

आलपिन के सिर होता

Rampati Shukla 97 शब्द

आलपिन के सिर होता पर बाल नहीं होता है एक
कुर्सी के टांगे हैं पर फुटबाल नहीं फेंक सकती है फेंक।
कंघी के हैं दांत मगर वह चबा नहीं सकती खाना
गला सुराही का है पतला किन्तु न गा सकती गाना।
जूते के है जीभ मगर वह स्वाद नहीं चख सकता है
आंखे रखते हुए नारियल कभी न कुछ लख सकता है।
है मनुष्य के पास सभी कुछ ले सकता है सबसे काम
इसीलिए सबसे बढ़कर वह पाता है दुनिया में नाम।

आलपिन के सिर होता

बच्चों के लिए हिन्दी कविताएँ
Hindi poem for children first published by National Book Trust

समाप्त

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