Pitara Logo
Illustration for किताबे

किताबे

Safdar Hashmi 130 शब्द

किताबे करती हैं बातें
बीते ज़मानों की
दुनियां की इंसानों की
आज की कल की
एक एक पल की
खुशियों की ग़मों की
फूलों की बमों की
जीत की हार की
प्यार की मार की
क्या तुम नहीं सुनोगे
इन किताबों की बातें
किताबें कुछ कहना चाहती हैं
तुम्हारे पास रहना चाहती है
किताबों में चिड़ियां चहचहाती हैं
किताबों में खेतियां लहलहाती हैं
किताबों में झरने गुनगुनाते हैं
परियों के किस्से सुनाते हैं
किताबों में राकेट का राज़ है
किताबों में साइंस की आवाज़ है
किताबों का कितना बड़ा संसार है
किताबों में ज्ञान का भंडार है
क्या तुम इस संसार में नहीं जाना चाहोगे
किताबें कुछ कहना चाहती हैं
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं।

किताबे

बच्चों के लिए हिन्दी कविताएँ
Hindi poem for children by Safdar Hashmi; Published by SAHMAT.

समाप्त

इन्हें भी पढ़ें…

Illustration for चंपा

चंपा

मोर बोला, चंपा, चंपा, तू अपने चंपा को कपड़े क्यों नहीं पहनाती तू भी अजीब है पोलीएस्टर और नायलोन डेकोन और टेरीकोट, मुझे समझाती है …

463 शब्द पढ़ें