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Illustration for नानी की नाव

नानी की नाव

Harindranath Chattopadhyaya 270 शब्द

नानी की नाव अजीब-अजीब सामान से भरी — झाड़ू, घड़ी, ढोलक, तलवार, तोता, भालू, टोकरी में बिल्ली का बच्चा; पीछे सोती बूढ़ी नानी और चुपके से सामान खींचता मगर
नाव चली
नाव चली
नानी की नाव चली
नीना की नानी की नाव चली
लम्बे सफर पे
सामान घर से निकाले गए
नानी के घर से निकाले गए
और नानी की नाव में डाले गए
क्या क्या डाले गए
एक छड़ी, एक घड़ी
एक झाड़ू, एक लाड़ू
एक सन्दूक, एक बन्दूक
एक सलवार, एक तलवार
एक घोड़े की जीन
एक ढोलक एक बीन
एक घोड़े की नाल
एक घीमर का जाल
एक लहसून, एक आलू
एक तोता, एक भालू
एक डोरा, एक डोरी
एक बोरा, एक बोरी
एक डंडा, एक झंडा
एक हंडा, एक अंडा
एक केला, एक आम
एक पक्का एक कच्चा
और टोकरी में
एक बिल्ली का बच्चा
फिर एक मगर ने पीछा किया
नानी की नाव का पीछा किया
नीना की नानी की नाव का पीछा किया
फिर क्या हुआ
चुपके से, पीछे से
ऊपर से, नीचे से
एक एक सामान खींच लिया
एक बिल्ली का बच्चा
एक केला, एक आम
एक पक्का, एक कच्चा
एक अंडा, एक हंडा
एक बोरी, एक बोरा
एक तोता, एक आलू
एक लहसून, एक भालू
एक धीमर का जाल
एक घोड़े की नाल
एक ढोलक, एक बीन
एक घोड़े की जीन
एक तलवार, एक सलवार
एक बन्दूक, एक सन्दूक
एक लाड़ू, एक झाड़ू
एक घड़ी, एक छड़ी
मगर नानी क्या कर रही थी
नानी थी बेचारी बुड्ढी बहरी
नीना की नानी थी बुड्ढी बहरी
नानी की नींद थी इतनी गहरी
कितनी गहरी
नदिया से गहरी
दिन दुपहरी
रात की रानी
ठंडा पानी
गरम मसाला
पेट में ताला
साढ़े सोला
पन्द्रह के पन्द्रह
दूनी तीस
तिया पैंतालिस
चौके साठ
पंजे पिछह
छक्के नब्बे।

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Hindi poem for children

समाप्त

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