श्याम बनेगा शेरू अपना
गीत बनेगा बन्दर
शिल्पा बिल्ली दूध पीएगी
बैठी घर के अन्दर
बबलू भौं भौं करता
पल पल धूम मचाएगा।
मोटू अपना हाथी बनकर
झूमे सूंड हिलाएगा
होगी फिर इन सबकी मस्ती
गाती होगी बस्ती
खुश होगा हर एक जानवर
खुशियां कितनी सस्ती
हा हा ही ही मैं भी मैं भी
लगा मुखौटा गाऊं
तुम हाथी तुम शेर बने तो
मैं भालू बन जाऊं
आहा कितने हम जंगल के
प्यारे प्यारे वासी
देख हमारे खेल नियारे
जाती रहे उदासी

बच्चों के लिए हिन्दी कविताएँ
Hindi poem for children

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