Pitara Logo

Hindi Poems for Kids

बच्चों के लिए लिखी गयी हिन्दी कविताओं का पिटारा

बच्चों के लिए हिंदी कविताओं के इस संग्रह में आपको मिलेंगी सफ़दर हाश्मी, हरिंद्रनाथ चट्टोपाध्याय और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जैसे महान कवी की बाल कवितायेँ। तो सफ़दर की “बांसुरीवाला” हो या सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की “बतूता का जूता” या चट्टोपाध्याय की मशहूर “रेलगाड़ी”, लीजिये मज़ा इन हिंदी कविताओं का जो ख़ास बच्चों लिए लिखी गयी हैं।

In our Pitara of Hindi poems for children you will find kids’ poems in Hindi by such famous writers as Safdar Hashmi, Harindranath Chattopadhyaya and Sarveshwar Dayal Saksena. So be it Safdar’s “Bansuriwala” or Sarveshwar Dayal Saksena’s “Batoota Ka Joota” or Harindranath Chattopadhyaya’s “Railgaadi”, enjoy these children’s Hindi poems.

43 रचनाएँ · page 2 of 4

चलो स्कूल

हरे हरे लाल लाल फूल। चलो भाई जल्दी, चलो स्कूल। छूट गईं पेंसिल कापी गई भूल जल्दी लो भाई, चलो स्कूल। कविता 4 हक्का बक्का : बच्चों के …

42 शब्द पढ़ें

आलपिन के सिर होता

आलपिन के सिर होता पर बाल नहीं होता है एक कुर्सी के टांगे हैं पर फुटबाल नहीं फेंक सकती है फेंक। कंघी के हैं दांत मगर वह चबा नहीं …

97 शब्द पढ़ें

मुन्ना और दवाई

मुन्ना ने आले पर ऊंचे आले पर जब छोटे हाथ नहीं जा पाये खींच खींच कर अपनी छोटी चौकी ले आये। पंजों के बल उस पर चढ़कर एड़ी भी उचकाई। …

122 शब्द पढ़ें

चूहा

वह देखो वह आता चूहा आंखों को चमकाता चूहा मूंछों में मुस्काता चूहा लम्बी पूंछ हिलाता चूहा। मक्खन रोटी खाता चूहा बिल्ली से डर जाता …

41 शब्द पढ़ें

नानी की नाव

नाव चली नाव चली नानी की नाव चली नीना की नानी की नाव चली लम्बे सफर पे सामान घर से निकाले गए नानी के घर से निकाले गए और नानी की नाव …

270 शब्द पढ़ें

सभा का खेल

सभा सभा का खेल आज हम खेलेंगे जीजी आओ। मैं गांधी जी छोटे नेहरू तुम सरोजिनी बन जाओ।। मेरा तो सब काम लंगोटी गमछे से चल जायेगा। छोटे …

225 शब्द पढ़ें

बन्दर मामा

एक पेड़ पर नदी किनारे, बन्दर मामा रहते थे। वर्षा गर्मी सर्दी उसी पेड़ पर रहते थे। भूख मिटाने को बगिया से चुन चुन फल खाया करते। य़ा …

210 शब्द पढ़ें

पेड़

आओ इस जंगल में आओ मत घबराओ मैं इस जंगल का एक पेड़ तुम्हें बुलाता हूं अपनी कथा सुनाता हूं आओ अपने साथियों से मिलवाता हूं आओ, छूकर …

388 शब्द पढ़ें

बंदर

देखो लड़के बंदर आया। एक मदारी उसको लाया उसका है कुछ ढंग निराला। कानों में पहने है बाला फटे पुराने रंगबिरंगे। कपड़े हैं उसके बेढंगे …

141 शब्द पढ़ें

पंख

छोटे छोटे पंख हैं मेरे कोमल हल्के प्यारे भी हैं देखे हैं जो मैंने सपने उसमें सूरज तारे भी हैं पर क्या बोझल इन्हें बनाकर मंजिल ऊंची …

47 शब्द पढ़ें

नानी नानी

नाना नानी। कहो कहानी वही पुरानी कौन नगर था कौन डगर थी कैसा राजा कैसी रानी नाना नानी कहो कहानी। कविता 10 हक्का बक्का : बच्चों के …

37 शब्द पढ़ें