<?xml version="1.0" encoding="utf-8" standalone="yes"?><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"><channel><title>Forest on Pitara Kids Network</title><link>https://www.pitara.com/tags/forest/</link><description>Recent content in Forest on Pitara Kids Network</description><generator>Hugo</generator><language>en-us</language><lastBuildDate>Fri, 16 Jan 1998 18:16:26 +0000</lastBuildDate><atom:link href="https://www.pitara.com/tags/forest/index.xml" rel="self" type="application/rss+xml"/><item><title>पेड़</title><link>https://www.pitara.com/fiction-for-kids/hindi-poems-for-kids/%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BC/</link><pubDate>Fri, 16 Jan 1998 18:16:26 +0000</pubDate><guid>https://www.pitara.com/fiction-for-kids/hindi-poems-for-kids/%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BC/</guid><description>&lt;p&gt;आओ इस जंगल में आओ&lt;br&gt;
मत घबराओ&lt;br&gt;
मैं इस जंगल का एक पेड़&lt;br&gt;
तुम्हें बुलाता हूं&lt;br&gt;
अपनी कथा सुनाता हूं&lt;br&gt;
आओ अपने साथियों से&lt;br&gt;
मिलवाता हूं&lt;br&gt;
आओ, छूकर देखो मेरा तना&lt;br&gt;
सीधा और मज़बूत&lt;br&gt;
और ऊपर&lt;br&gt;
मेरी पतली बल खाती&lt;br&gt;
शाखों को देखो&lt;br&gt;
देखो अनगिनत टहनियों को&lt;br&gt;
क्या पूछते हो मेरे दोस्त&lt;br&gt;
वो तो पिछले पतझड़ में गिर गए&lt;br&gt;
लेकिन जल्द ही फिर निकल आएंगे&lt;br&gt;
मेरी डालियों पर लद जाएंगे।&lt;br&gt;
मेरी जड़े नहीं दिखती तुम्हें&lt;br&gt;
लेकिन वे हैं ज़मीन के नीचे&lt;br&gt;
गहराई तक फैली हुई&lt;br&gt;
वही सोखती हैं ज़मीन से पानी&lt;br&gt;
मेरी प्यास बुझाने को&lt;br&gt;
लो फूट आए मेरे हरे भरे कपड़े&lt;br&gt;
लेकिन ये मेरी पोषाक ही नहीं&lt;br&gt;
मेरी पोषाक भी हैं&lt;br&gt;
हवा से खींचते हैं सांस&lt;br&gt;
और सूरज से गर्मी&lt;br&gt;
और बनाते हैं मेरी खुराक।&lt;br&gt;
ये कीड़े मकोड़े&lt;br&gt;
रेंगते, उड़ते, फुदकते हुए&lt;br&gt;
ये सब मेरे दोस्त हैं&lt;br&gt;
मैंने इन्हें&lt;br&gt;
दरारों, छेदों, सुराखों में बसाया है&lt;br&gt;
इनके अंडों को जाड़े गर्मी से बचाया है।&lt;br&gt;
इनके बच्चों को अपने सीने पर सुलाया है।&lt;br&gt;
इसी से खुश होकर&lt;br&gt;
ये गाते हैं गीत&lt;br&gt;
मधुर संगीत&lt;br&gt;
भुन भुन, झिन झिन&lt;br&gt;
और नाचते हैं&lt;br&gt;
सारे सारे दिन।&lt;br&gt;
रंग बिरंगे पंछी&lt;br&gt;
मेरे पास आते हैं&lt;br&gt;
मेरी टहनियों के बीच&lt;br&gt;
अपने घोंसले बनाते हैं&lt;br&gt;
चहकते हैं, गाते हैं&lt;br&gt;
उड़ते हैं, मंडराते हैं&lt;br&gt;
अपने नन्हें मुन्ने बच्चों को&lt;br&gt;
उड़ना सिखाते हैं।&lt;br&gt;
मुझे बच्चे बहुत प्यारे हैं&lt;br&gt;
बच्चों को मैं प्यारा हूं&lt;br&gt;
आते हैं मेरे साए में&lt;br&gt;
ऊधम मचाने&lt;br&gt;
लटकने मेरी डालियों से&lt;br&gt;
झूले बनाने&lt;br&gt;
मेरे खट्ठे मीठे फलों को&lt;br&gt;
चोरी छिपे खाने&lt;br&gt;
मुझे ध्यान से देखो&lt;br&gt;
इस जंगल के&lt;br&gt;
सभी पेड़ों को&lt;br&gt;
प्यार से देखो&lt;br&gt;
हमारा और तुम्हारा&lt;br&gt;
कितना गहरा नाता है&lt;br&gt;
ये जंगल सब प्राणियों के&lt;br&gt;
कितने काम आता है&lt;br&gt;
मेरी लकड़ी से बनी हैं&lt;br&gt;
तुम्हारी मेज़े कुर्सियां&lt;br&gt;
तुम्हारे सोने की चारपाई&lt;br&gt;
तुम्हारे दरवाजे खिड़कियां&lt;br&gt;
और तुम्हारी पेंसिल।&lt;br&gt;
टीचर से पूछो&lt;br&gt;
वो बतलाएंगी कि&lt;br&gt;
मैं बारिश भी करवाता हूं&lt;br&gt;
मिट्टी को बहने से बचाता हूं&lt;br&gt;
बाढ़ भी रूकवाता हूं&lt;br&gt;
और सूखा भी भगाता हूं&lt;br&gt;
ये पूरा जंगल तुम्हारे काम आता है&lt;br&gt;
तुम्हे कितना सुख पहुंचाता है।&lt;br&gt;
लेकिन मुनाफाखोर व्यापारी&lt;br&gt;
इसे अंधाधुंध कटवाता है&lt;br&gt;
नए पेड़ नहीं लगवाता है&lt;br&gt;
रोको रोको&lt;br&gt;
उस लोभी को रोको&lt;br&gt;
ऐसा करने से उसे टोको&lt;br&gt;
नहीं तो एक दिन&lt;br&gt;
ये जंगल खत्म हो जाएगा&lt;br&gt;
सिर्फ ठूंठों का एक श्मशान रह जाएगा।&lt;/p&gt;</description></item></channel></rss>