Pitara Logo

Poem

All features, stories and articles tagged with: Poem

121 items · page 9 of 11

बन्दर मामा

एक पेड़ पर नदी किनारे, बन्दर मामा रहते थे। वर्षा गर्मी सर्दी उसी पेड़ पर रहते थे। भूख मिटाने को बगिया से चुन चुन फल खाया करते। य़ा …

210 शब्द पढ़ें

पेड़

आओ इस जंगल में आओ मत घबराओ मैं इस जंगल का एक पेड़ तुम्हें बुलाता हूं अपनी कथा सुनाता हूं आओ अपने साथियों से मिलवाता हूं आओ, छूकर …

388 शब्द पढ़ें

बंदर

देखो लड़के बंदर आया। एक मदारी उसको लाया उसका है कुछ ढंग निराला। कानों में पहने है बाला फटे पुराने रंगबिरंगे। कपड़े हैं उसके बेढंगे …

141 शब्द पढ़ें

पंख

छोटे छोटे पंख हैं मेरे कोमल हल्के प्यारे भी हैं देखे हैं जो मैंने सपने उसमें सूरज तारे भी हैं पर क्या बोझल इन्हें बनाकर मंजिल ऊंची …

47 शब्द पढ़ें

नानी नानी

नाना नानी। कहो कहानी वही पुरानी कौन नगर था कौन डगर थी कैसा राजा कैसी रानी नाना नानी कहो कहानी। कविता 10 हक्का बक्का : बच्चों के …

37 शब्द पढ़ें

हरी हरी

हरी हरी भिंडी हरे हरे आम। हरी हरी धनिया खरे खरे दाम। कडुवा करेला अच्छा झमेला। लीची तरबूज। फीका पड़ा केला। कविता 7 हक्का बक्का : …

38 शब्द पढ़ें

होली

बसंत की हवा के साथ रंगती मन को मलती चेहरे पर हाथ ये होली लिए रंगों की टोली लाल गुलाबी बैंगनी हरी पीली ये नवरंगी तितली है। आज तो …

62 शब्द पढ़ें

मुखौटे

श्याम बनेगा शेरू अपना गीत बनेगा बन्दर शिल्पा बिल्ली दूध पीएगी बैठी घर के अन्दर बबलू भौं भौं करता पल पल धूम मचाएगा। मोटू अपना हाथी …

91 शब्द पढ़ें

अमरूद बन गये

आमों के अमरूद बन गये अमरूदों के केले मैंने यह सब कुछ देखा है आज गया था मेले बकरी थी बिलकुल छोटी सी हाथी की थी बोली मगर जुखाम नहीं …

144 शब्द पढ़ें

कुकडूं कूं

बोला मुर्गा कुकडूं कूं कुकडू कूं कुकडू कूं बड़े सबेरे जाग पड़ूं चलते चलते मैं अकड़ूं कुकड़ूं कूं कुकड़ूं कूं कविता 8 हक्का बक्का : …

37 शब्द पढ़ें

जामुन

हरे पेड़ की डाली। जामुन काली काली। मीठा है, रसवाली। जामुन काली काली लाठी लेकर महंगू। करता है रखवाली। जामुन काली काली। हरे पेड़ की …

47 शब्द पढ़ें