छूटी मेरी रेल।
रे बाबू छूटी मेरी रेल।
हट जाओ हट जाओ भैया
मैं न जानूं फिर कुछ भैया
टकरा जाये रेल।
धक् धक् धक धक् धू धू धू धू
भक् भक् भक् भक् भू भू भू भू
छक् छक् छक् छक् छू छू छू छू
करती आई रेल।
एंजिन इसका भारी-भरकम।
बढ़ता जाता गमगम गमगम।
धमधम धमधम धमधम धमधम।
करता ठेलस ठेल
सुनो गार्ड ने दे दी सीटी।
टिकट देखता फिरता टीटी।
सटी हुई वीटी से वीटी।
करती पेलम पेल।
छूटी मेरी रेल।

बच्चों के लिए हिन्दी कविता
Hindi poem for children first published by National Book Trust, India